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बीएसएनएल के आईपीओ पर फैसला 15 दिन में |
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आईपीओ | द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता | सोमवार , 25 अगस्त 2008 |
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इंदौर। केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के पब्लिक इश्यू का फैसला अगले 15 दिनों में हो जाएगा। बीएसएनएल के कर्मचारी संगठनों से बातचीत चल रही है और अगले 15 दिनों में इस पर फैसला हो जाएगा।
केंद्र सरकार बीएसएनएल की 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर करीब 40 हजार करोड़ रुपए जुटाने की है। ये देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार से वामपंथी दलों के अलग होने के बाद यह लग रहा था कि इस मेगा आईपीओ की अड़चनें लगभग खत्म हो गई हैं। पर बीएसएनएल कर्मचारी संगठन आईपीओ के लिए तैयार नहीं है। चार लाख करोड़ रुपए की इस कंपनी के पास देश भर में 7 करोड़ ग्राहक हैं। उम्मीद है इस कारोबारी साल में कंपनी की आय 50 हजार करोड़ रुपए पहुंच जाएगा।
बीएसएनएल एम्पलायी यूनियन के महासचिव वी. एस. नंबूदरी का कहना है कि हम आईपीओ लाए जाने से सहमत नहीं हैं। हम किसी तरह का आईपीओ नहीं चाहते। हम सरकार के इस तर्क से सहमत नहीं हैं कि आईपीओ लाए जाने से बीएसएनएल कर्मचारियों का भला होगा।
बीएसएनएल मैनेजमेंट कर्मचारियों को पहले ईसॉप्स ऑफर कर चुकी है। मैनेजमेंट का कहना है कि यदि कंपनी लिस्टेड होती है तो कर्मचारियों को कंपनी के शेयर दिए जाएंगे। नंबूदरी ने कहा कि बीएसएनएल कर्मचारियों को किसी तरह का ईसॉप्स नहीं चाहिए।
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आखरी बार संपादन किया गया ( सोमवार , 25 अगस्त 2008 )
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