Register
अक्षर :  


ब्रोकर और आप-2 छापें
  
निवेश पाठशाला |  द्वारा/by : मोहन वर्मा |  मंगलवार , 23 सितम्बर 2008

तेरहवां पीरियड

टिप पर आधारित निवेश में जोखिम सर्वाधिक है। कीमतों से छेड-छाड करने वाले तिकडमी लोग टिप्स उछालते हैं। शेयर कीमतों में उछाल देखने पर निवेशक टिप को भरोसेमंद मान बैठते हैं और टिप के पीछे दौड़ पड़ते हैं। ब्रोकर भी टिप जारी करता है लेकिन दी गई टिप को उसके अपने हितों के परिप्रेक्ष्य में ही देखा जाना चाहिए। ब्रोकर हर राय के साथ यह घोषणा जरूर जारी करता है कि इससे उसका कोई निजी निवेश या दूसरा हित नहीं जुडा हुआ है। यह मात्र औपचारिकता है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने समय-समय पर निवेशकों के हित सुरक्षित करने के लिए तमाम नियम-कायदे लागू किए हैं। जिस ब्रोकर को आप चुनना चाहते हैं, उसके बारे में सेबी और शेयर बाजारों की अपनी वेबसाईटों से जानकारी जरूर कर लें। संबंधित ब्रोकर के खिलाफ हुई किसी कार्रवाई, किसी चेतावनी, किसी गैरमामूली टिप्पणी आदि का संज्ञान जरूर लें। सेबी और शेयर बाजार की जिम्‍मेदारी है कि वे समय-समय पर ब्रोकरों का परीक्षण करें, कि वे निवेशकों को निर्धारित मानक के न्यूनतम स्तर के मुताबिक सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं, अथवा नहीँ।

अच्छी सलाह के अलावा, सहज कारोबार के लिए अपने ग्राहकों को एक भरोसेमंद प्लेटफार्म मुहैया कराना भी ब्रोकर की जिम्मेदारी है। शेयर-बाजारों, डिपॉजिटरी कंपनियों, ब्रोकर के मुख्यालय और आपकी लोकेशन के दरम्यान तेज गति वाली इलेक्ट्रॉनिक संचार व्यवस्था, कंप्‍यूटर सिस्टम्स और नेटवर्किंग प्रणालियां, सूचना-तकनीकी की उच्च गुणवत्तायुक्त व्यवस्था, सहज और तीव्र लेन-देन के लिए जरूरी है। इसमें जरा भी गडबडी, लोगों के लिए भारी नुकसान का कारण बनती है। बैंक से लेन-देन संबंधी सुचारू कनेक्टिविटी, ब्रोकर के बैक-ऑफिस से 24 घंटे सातों दिन इंटरनेट सुविधा, व्यापार सूचनाओं, सौदा-निबटान, कन्फर्मेशन, निवेश पर घाटा और मुनाफा, वित्तीय स्टेटमेन्ट और डिपॉजिटरी होल्डिंग संबंधी सूचनाओं के समय पर सटीकता के साथ मिलने की व्यवस्था, आदि ऐसी चीजें हैं, जिनमें अधूरापन आपके और लक्ष्यों के बीच बाधा की तरह काम करेगा। लिहाजा ब्रोकर ऐसा हो, जिसके द्वारा स्थापित किए गए सूचना तंत्र में किसी ग्राहक को कोई शिकायत न होती हो।

पढ़ें: ब्रोकर और आप-1

कुछ लोग ब्रोकरों के द्वारा ली जाने वाली ब्रोकरेज उर्फ कमीशन के रेट पर ज्यादा ध्यान देते हैं। याद रखिए, यहां कोई चैरिटी करने के लिए नहीं बैठा हुआ। अच्छे ब्रोकरों के रेट आपस में प्रतिस्पर्धी होने के बावजूद उनका अपना एक लेवल होता है। औसत निवेशक के लिए ब्रोकर की फीस, उसके कुल निवेश का बहुत मामूली हिस्सा होती है, लेकिन इस पर पूरे निवेश की सुरक्षा और कई मायनों में सफलता निर्भर रहती है। आप जितनी जल्दी-जल्दी खरीद-फरोख्त करेंगे, आपसे हर अन्तरण पर ब्रोकर उतना ही ज्यादा कमीशन कमाएगा। कम रेट वाला ब्रोकर ढूंढ रहे हैं, तो उसके द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के स्तर पर गौर जरूर फरमा लें। उसके बुनियादी ढांचे को बारीकी से देख लें और पुराने ग्राहकों में कोई विशेष परिचित हो, तो उसके अनुभव जरूर ले लें।

एक सोच यह है कि जिन आर्थिक संस्थाओं में आप कारोबार करते हैं (शेयर बाजार या कमोडिटी एक्सचेंज) और जिन संस्थाओं पर निगरानी का जिम्मा है (सेबी) उनके नजदीक हम नहीं, बल्कि हमारा ब्रोकर होता है। हम तो बहुत दूर हैं, और शेयर-बाजारों एवं अन्य प्रमुख संस्थाओं की नस-नस से वाकिफ ब्रोकर से हम कैसे पार पा सकते हैं। यहां ध्यान यह रखना चाहिए कि ठोंक-पीट कर ब्रोकर चुनने और बाद में भी उस पर अंधविश्वास करने के बजाय, अपने विवेक से काम करने का मतलब यह नहीं, कि ब्रोकर से आपका कोई मुकाबला है। ब्रोकर ही नहीं, कोई भी व्यक्ति किसी को भी धोखा दे सकता है, अगर वह उसकी लालच की अतिवादी मानसिकता को पहचान ले और उसे उसके लालच के चलते ही धोखा देने की ठान ले। कॉमन-सेंस बडी चीज है। एक्स्ट्रा समझदारी भी यहाँ काम नहीं आती। बस, आंख-कान खुले रखिए और दिमाग सचेत, इतना ही काफी है।

अगले पीरियड में हम बात करेंगे ऐसे लोगों के बारे में, जो शेयर बाजारों को जुए के अड्डों के सिवा कुछ नहीं समझते। अगर आपने भी कभी ऐसा सोचा हो, तो अगला पीरियड जरूर अटैंड करिएगा, क्योंकि मुनाफे की राहें खोलने से पहले अपनी धारणाओं को सही करना बहुत आवश्यक है। नमस्कार।

टिप्पणियाँ (0)add
टिप्पणी लिखें
quote
bold
italicize
underline
strike
url
image
quote
quote
smile
wink
laugh
grin
angry
sad
shocked
cool
tongue
kiss
cry
smaller | bigger

security image
दिखाये गये अक्षर लिखें


busy
आखरी बार संपादन किया गया ( गुरुवार , 02 अक्टूबर 2008 )
 
< पिछला   अगला >




mobile.jpg
 rss-logo.jpg  feedmail-logo.jpg  twi-logo.jpg
nivesh.jpg

शेयर बाजार में 21 जनवरी को आई थी सुनामी

bse.jpg
घरेलू शेयर बाजारों का आल टाइम हाई से यही से पतन शुरु हुआ। हालांकि, गिरावट की शुरुआत जनवरी के पहले सप्‍ताह से ही शुरु हो गई थी लेकिन बड़ी गिरावट की शुरुआत 21 जनवरी से शुरु हुई...  

प्रमोटरों ने घटाई कंपनियों में अपनी हिस्‍सेदारी

share.jpg
शेयर बाजारों में आई तेजी का लाभ उठाते हुए अनेक कंपनियों के प्रमोटरों ने अपनी शेयरधारिता में कमी की है। समाप्‍त तिमाहियों का विश्‍लेषण किया जाए तो यह साफ हो जाता है...
पढ़ें...

निफ्टी: 4916 का स्‍तर टूटने पर मंदी पकड़ सकती है गति

share-sale.jpg
नए सप्‍ताह के लिए पिछला बंद अंक बैलेंस पाइंट 17405 के नीचे है बावजूद इसके मंदी का कारोबार 16710 के पार नहीं करने पर 17485 का स्‍तर तोड़ने के बाद करें...

ऑल इज वैल बट स्‍टॉक मार्केट फेल

bse.jpg
भारतीय शेयर बाजार को ओबामा के डर से विदेशी निवेशकों ने फायर करके तलाक दे दिया। घरेलू स्‍तर पर महंगाई ने भी धोखा दे दिया। रही सही कसर सीआरआर ने पूरी कर दी...