|
सत्यम का शेयर 21 अक्टूबर 2008 की शाम को बीएसई पर 317.45 रूपए पर बंद हुआ। यह शेयर इस वक्त अपने सबसे ऊंचे रहे सालाना मूल्य से 41.64 फीसदी नीचे आया हुआ है और वर्ष भर की निचली कीमत से मात्र 9.4 फीसदी ऊपर है।
सत्यम का राजस्व तिमाही आधार पर सितंबर 2008 को समाप्त इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 7.6 फीसदी बढा, जबकि वार्षिक आधार पर 38.8 फीसदी बढकर 2819.3 करोड हो गया। इस दौरान रूपए में डॉलर के विरुद्ध 5.1 फीसदी की क्रमिक गिरावट के कारण ही देश की इस प्रमुख कंपनी के राजस्व में यह संतोषजनक बढो़तरी हो सकी है। हालांकि कार्मिक लागत में बढो़तरी के कारण इसका परिचालन मुनाफा मार्जिन 103 आधार अंक टूटकर 23.1 फीसदी रह गया, लेकिन कंपनी के अनुकूल मुद्राओं के दर-बदलाव की वजह से परिचालन मुनाफा (ऑफपरेटिंग प्रॉफिट) 3 फीसदी ब़ढकर 651 करोड़ हो गया और शुद्ध लाभ 6.1 फीसदी की बढत के साथ 581 करोड देखा गया।
विदेशी मुद्रा विनिमय (फोरेक्स) के लाभ की वजह से इसके लाभप्रद आंकडे, पूर्वानुमानों से अधिक रहे हैं। पिछली तिमाही के 36.3 करोड़ के फोरेक्स घाटे के बरक्स इस बीती तिमाही में कंपनी ने 8.5 करोड़ का फोरेक्स लाभ हासिल किया है। कार्मिकों की वेतन-वृद्धियों ने रूपए के अवमूल्यन के कारण कंपनी पर विशेष नकारात्मक असर नहीं डाला है, लेकिन ध्यान देने की बात यह है कि कार्मिकों की तादाद में बढो़तरी पर 30 से 40 फीसदी कमी का अंकुश लगाने के कंपनी के इरादे के चलते इसके 2010 की राजस्व वृद्धि दर भी उम्मीद से कम रहने के आसार बन गए हैं।
कंपनी की 20 नई डीलिंग प्रस्तावित हैं, यद्यपि सौदों की आवृत्ति घटी है। सत्यम बिजनेस प्रॉसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) की एनिमेशन डील इसी बीती तिमाही में संपन्न होनी थी, जो नहीं हो सकी और कंपनी प्रबंधन अब इसके चालू साल की दूसरी छमाही में होने की उम्मीद कर रहा है।
चुनौतीपूर्ण होता कारोबारी वातावरण और मुद्राओं के विनिमय दरों के अनिश्चित संघर्ष के चलते, शेयरखान ने 20 अक्टूबर 2008 को जारी अपनी रिपोर्ट में सत्यम के इस वित्त वर्ष की आमदनी के अनुमान 4 फीसदी बढने और अगले साल मामूली गिरावट के व्यक्त किए हैं। अमरीका की जटिल होती आर्थिक मंदी और यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था में भी आता उतार भारत की नामी आईटी कंपनियों के लिए बेतहाशा चिंता का सबब बन गया है क्योंकि ज्यादातर कम्पनियों का तमाम राजस्व बाहर से ही आता है। छोटी अवधि में इन वजहों से आईटी सेक्टर के प्रति रूझान कमजोर ही देखे जा सकते हैं। सत्यम का शेयर इस समय इस साल की आमदनी के आठ गुने से अधिक और 2010 की आमदनी के 7.8 गुना पर कारोबार कर रहा है जो कि आकर्षक मूल्य कहा जा सकता है।
शेयरखान ने 416 रूपए के संशोधित लक्ष्य के साथ सत्यम के शेयर को वर्तमान कीमत पर खरीदने योग्य करार दिया है। एम्के रिसर्च ने 21 जुलाई को जारी अपनी रिपोर्ट में सत्यम को खरीदने का लक्ष्य 483 रखते हुए इसे लेने लायक बताया था, जबकि एंजेल ब्रोकिंग ने भी इससे कुछ पहले इसे लेने की राय दी थी।
हैदराबाद स्थित इस कंपनी के लिए आगामी समय विशिष्ट चुनौतियों से भरा हो सकता है। अभी तो मंदी के निराशाजनक माहौल के बावजूद रूपए के अवमूल्यन, प्रशासनिक खर्चों में कटौती आदि की वजह से सत्यम के साथ दूसरी बडी देसी आईटी कंपनियों ने भी झंडा ऊंचा रखने की कोशिश बरकरार रखी है लेकिन आगे तसवीर बहुत स्पष्ट नहीं है। बैंकिंग व वित्तीय क्षेत्र से केवल 20 फीसदी राजस्व उगाहने वाली सत्यम अपने विकास के लिए इन ताजे खलनायकनुमा नजर आते सेक्टरों पर पूरी तरह निर्भर नहीं, यह संतोष की बात है। फिर भी वैश्विक क्रेडिट संकट आगे इसके कारोबार को प्रभावित करेगा।
इस शेयर में गत एक साल से निवेशितों का घाटा 29 फीसदी से ज्यादा, छह माह वालों का 27 फीसदी से ज्यादा, और एक माह वालों का 10 फीसदी से ज्यादा है। सत्यम में भारतीय प्रवर्तकों (प्रमोटरों) की हिस्सेदारी केवल 8.41 फीसदी है और अन्य प्रवर्तकों के पास 0.33 फीसदी, म्युचुअल फंडों/यूटीआई के 4.88 फीसदी, बैंक/विदेशी संस्थाओं के 8.13 फीसदी, विदेशी संस्थागत निवेशकों के पास सर्वाधिक 48.22 फीसदी, सार्वजनिक निगमित संस्थाओं के 0.59 फीसदी और भारतीय जनता के 8.75 फीसदी शेयरों के बाद शेष 1.24 फीसदी शेयर अन्य के पास हैं। सत्यम का बीएसई कोड- 500376 और एनएसई कोड- SATYAMCOMP है।
|