Register
अक्षर :  


जीएसपीसी का आईपीओ टला छापें
  
आईपीओ |  द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता |  शनिवार , 20 दिसम्बर 2008
अहमदाबाद। गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कार्पोरेशन (जीएसपीसी) ने शेयर बाजार की मौजूदा मंदी की वजह से अपने आईपीओ लाने की योजना को टाल दिया है। कंपनी अब देश  के पूर्वी समुद्र तट पर स्थित कृष्णा-गोदावरी (केजी) बेसिन में स्थित अपने गैस भंडार के विकास के लिए जरूरी रकम कर्ज से जुटाएगी। इस गैस भंडार में कंपनी की योजना पांच हजार करोड़ रुपए के निवेश की है।

जीएसपीसी को केजी बेसिन में जो गैस भंडार मिला है उसमें 1.4 लाख करोड़ क्यूबिक फुट का निश्चित भंडार है और इसके अधिकतम 5.6 लाख करोड़ क्यूबिक फुट तक होने की उम्मीद है।

जीएसपीसी का कहनाहै कि सरकार से सभी तरह की मंजूरी मिलने के बाद ही केजी बेसिन से उत्पादन शुरू हो जाएगा। इस मंजूरी के तहत कंपनी की विकास योजना, निवेश के विस्तृत विवरण और उत्पादन की मात्रा आदि की मंजूरी शामिल होगी। कंपनी का कहना है कि कई बैंक और वित्तीय संस्थाएं उसकी विकास योजना को सरकार की मंजूरी मिलने पर कर्ज देने के लिए तैयार हैं।
टिप्पणियाँ (0)add
टिप्पणी लिखें
quote
bold
italicize
underline
strike
url
image
quote
quote
smile
wink
laugh
grin
angry
sad
shocked
cool
tongue
kiss
cry
smaller | bigger

security image
दिखाये गये अक्षर लिखें


busy
 
< पिछला   अगला >




mobile.jpg
 rss-logo.jpg  feedmail-logo.jpg  twi-logo.jpg
nivesh.jpg

दलाल स्‍ट्रीट: सितारे थोड़ा कमजोर करेंगे बाजार को

share-jyotish.jpg
स्‍थाई समस्‍या की कोई वजह अभी नहीं दिखाई दे रही, ग्रहों की खास स्थिति से अगले सप्‍ताह दलाल स्‍ट्रीट को एक संकट से अवश्‍य जूझना पडेगा...  

महंगाई एक त्‍योहार है

dhanteras.jpg
महंगाई तो मन के रोम रोम को बींधती है। महंगाई से बचना जिन्‍दगी में उ‍ल्‍लसित होना है, न कि खुजलाहट का सबब बनना है...
पढ़ें...

सेंसेक्‍स: 16585 टूटने पर बेच डालें सारे शेयर

share-up.jpg
वैश्चिक बाजारों का सेंटीमेंट व्‍यापक असर छोड़ गया और फिर से 17 हजार का स्‍तर आ गया,  17 हजार के ऊपर सेंसेक्‍स बंद होता तो सेंटीमेंट अधिक सुधरता ...

शेयर बिक्री ऑफर बढ़ सकते हें इस साल: सिटीग्रुप

bse.jpg
भारतीय शेयर और शेयरों से जुड़े़ ऑफरिंग इस साल एक तिहाई से भी ज्यादा बढ़ सकते हैं, क्योकि कंपनियां और सरकार बढ़ती घरेलू पूंजी का लाभ उठाना चाहते हैं और अर्थव्यवस्था भी सुधर रही है...