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कैश रखें तैयार, निवेश का समय आ रहा है: कपिल होलकर |
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मुलाकात | द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता | सोमवार , 05 जनवरी 2009 |
भारतीय शेयर बाजार के लिए यह नया वर्ष काफी उथल पुथल भरा होगा और लोकसभा चुनाव के बाद मई-जून से शेयर बाजार बेहतर बढ़त का रुख करेगा। शेयर बाजार के मौजूदा हालात में रिटेल निवेशक जिस तरह भाग रहा है या बाजार से कन्नी काट रहा है, यह नहीं होना चाहिए असल में बेहतर रिटर्न पाने के लिए निवेश का समय आ रहा है और ऐसे में बाजार से भागना समझदारी नहीं है। यह कहना है शेयर ब्रोकिंग कंपनी इक्वेशंस, भोपाल के कर्ताधर्ता कपिल होलकर का। कपिल होलकर से मोलतोल संवाददाता ने इक्विटी बाजार के इस साल रहने वाले हालात पर बातचीत की। पेश है बातचीत के मुख्य अंश।
यह वर्ष शेयर बाजार के लिए कैसा रहेगा?
इस वर्ष यानी 2009 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 7500 से 11800 के बीच रहना चाहिए। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 2050 से 3700 अंक के बीच रहने की संभावना है। निफ्टी को 2550 अंक पर बेहद मजबूत सपोर्ट मिलेगा। इसका बॉटम 2050 है और मुझे नहीं लगता कि निफ्टी इस स्तर से नीचे देखने को मिलेगा।
अगली तिमाही के कार्य नतीजे खराब आने की आशंका है जिससे शेयर बाजार में जनवरी अंत या फरवरी की शुरुआत में करेक्शन देखने को मिल सकता है। यदि इससे पहले शेयर बाजार में तेजी आती है या सेंसेक्स 11800 अंक के आसपास पहुंच जाता है तो निवेशकों को बाजार से बाहर निकल जाना चाहिए। मेरा यह पक्का विश्वास है कि सेंसेक्स जल्दी ही 7500 अंक दिखाई देगा और बजट के आसपास 11800 अंक।
वर्ष 2009 में किन क्षेत्रों की कंपनियों में एक आम निवेशक को निवेश करना चाहिए?
सेक्टर मुताबिक बात करें तो मेरी पसंद फर्टिलाइजर और शुगर सेक्टर हैं। इन दोनों सेक्टरों में काफी करेक्शन हो चुका है। अगली तेजी की चाल में ये दो सेक्टर बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इन क्षेत्रों की कंपनियों चंबल फर्टिलाइजर, नागार्जुन फर्टिलाइजर, जीएनएफसी, बलरामपुर चीनी और बजाज हिंदुस्तान में निवेश किया जा सकता है।
साथ ही निवेशकों को एल एंड टी पर खास ध्यान देना चाहिए। यह बेहद मजबूत स्टॉक है और इस कंपनी पर मंदी का कोई असर नहीं है। जिस तरह पिछली तेजी में इंफ्रा स्टॉक दौड़े थे उस तरह अब अगली तेजी में फर्टिलाइजर और शुगर शेयरों की खासी भूमिका होगी।
सरकार ने इस मंदी से उबरने के लिए जो पैकेज दिए हैं वे तो इंफ्रा और रियलटी के पक्ष में दिख रहे हैं। क्या इस सेक्टर में निवेश का यह बेहतर समय है?
शेयर बाजार में इस समय एक बार फिर इंफ्रा और रियलटी शेयरों में निवेश की खूब चर्चा हो रही है लेकिन मेरा मानना है कि आम निवेशक के लिए इन कंपनियों से दूर रहने में ही भलाई है। अभी यह माना जा रहा है कि इंफ्रा और रियलटी स्टॉक्स में काफी करेक्शन हो चुका है और खरीद की जानी चाहिए लेकिन मैं मानता हूं कि अभी इनमें और करेक्शन होगा। आगे करेक्शन के बाद भी आम निवेशक को अपने पोर्टफोलियो में इस सेक्टर की हिस्सेदारी 10-15 फीसदी से ज्यादा नहीं रखनी चाहिए।
आम निवेशक की शेयर बाजार में क्या रणनीति होनी चाहिए?
शेयर बाजार में आम निवेशक की हिम्मत टूट चुकी है। असल में शेयर बाजार में विश्वास लौटना चाहिए और यह सबसे ज्यादा जरुरी है। निवेश का समय आ रहा है लेकिन निवेश करने के लिए निवेशक तैयार नहीं दिख रहा। जैसा मैंने पहले कहा कि बीएसई सेंसेक्स जल्दी ही 7500 स्तर तक आएगा तो उस स्तर पर निवेश करने के लिए निवेशक को अभी से तैयार होना पड़ेगा। सेंसेक्स के 7500 स्तर के आसपास निवेश करने के बाद आम निवेशक को शांत बैठ जाना चाहिए। मेरा मानना है कि इस स्तर पर किए गए निवेश पर आम निवेशक को इतना जोरदार रिटर्न मिलेगा जिसके बारे में उसने सोचा भी नहीं होगा। बीएसई सेंसेक्स के 11800 अंक पार करने के बाद बड़ी तेजी की ओर बढ़ना तय है।
भारतीय शेयर बाजार में आगे बेहद तगड़ी तेजी देखने को मिलेगी। अगली तेजी अब तक की सभी तेजी की मां साबित होगी। भारत में जो ग्रोथ और रिटर्न हैं वह दूसरे किसी देश में नहीं है। भारतीय कंपनियों के आधार बेहद मजबूत हैं। आम चुनाव के बाद मई-जून से शेयर बाजार बढ़त की ओर होगा। निवेशकों को मेरी राय है कि बाजार से दूर मत हटिए, बाजार में बने रहिए और निवेश के लिए कैश तैयार रखिए ताकि अगली तेजी आपका स्वागत कर सकें।
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आखरी बार संपादन किया गया ( सोमवार , 05 जनवरी 2009 )
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