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मेटल, आईटी, बैंक शेयरों के हाथ में इस गर्मी की कमान: आशीष महेश्वरी |
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मुलाकात | द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता | सोमवार , 30 मार्च 2009 |
भारतीय शेयर बाजार में इस समय आई गर्मी (रैली) बुल रैली है और यह बनी रहेगी लेकिन यह सैक्टर स्पैसिफिक रैली है। यानी जरुरी नहीं कि सारे सैक्टरों में बढ़त देखने को मिले, बीएसई सेंसेक्स की आगे कूच हो तो जरुरी नहीं कि मिड कैप या स्मॉल कैप शेयरों में भी चमक आए। मौजूदा रैली की अगुवाई मेटल स्टॉक करेंगे और जल्दी ही इसमें आईटी एवं उसके बाद बैंक स्टॉक जुड़ेंगे। निवेशकों को केवल फ्रंटलाइन शेयरों पर ही ध्यान देना चाहिए क्योंकि सेंसेक्स की बढ़त यहीं से शुरु होती है। यह कहना है ग्लोब कैपिटल मार्केट लि., मुंबई के निदेशक आशीष महेश्वरी का। आशीष महेश्वरी से मोलतोल संवाददाता ने शेयर बाजार की मौजूदा गर्मी पर बातचीत की। पेश है बातचीत के मुख्य अंश।
शेयर बाजार में मौजूदा रैली बीयर रैली है या बुल रैली अथवा कुछ और?
शेयर बाजार में जो गर्मी लौटी है वह पूरी तरह बुल रैली है। यह बीयर रैली नहीं है। अमरीकी अर्थव्यवस्था में रिकवरी हो रही है। लिक्विडिटी फ्लो बढ़ा है। मार्गेज बांडस खरीदे गए हैं। सिस्टम में पैसा आया है, बैंकों के पास पैसा आया है और अब यही पैसा शेयर बाजार में आ रहा है। कमोडिटीज के भाव बढ़ रहे हैं। सट्टे की टेंडेंसी बढ़ गई है। अमरीका, जापान, यूरोप मुद्रा प्रिंट कर रहे हैं ताकि मंदी को दूर रखा जा सके। भारतीय शेयर बाजार में भी विदेशी संस्थागत निवेशक आ रहे हैं, फ्लो बढ़ रहा है, पैसा आ रहा है। हैज फंड और विदेशी संस्थागत निवेशक खरीद कर रहे हैं। असल में वर्ल्ड वाइड मूवमेंट हो रहा है। यह गर्मी अकेले भारतीय बाजार में नहीं आई है, दुनिया के सभी शेयर बाजारों में समान रुप से आ रही है। मेरा अनुमान है कि चौथी तिमाही के कार्पोरेट नतीजे अच्छे आएंगे साथ ही तीसरी तिमाही की इनवेंट्री कम हुई है। हम सभी कारकों पर बारीकी से गौर करें तो पाएंगे कि यह पूरी तरह बुल रैली है।
मौजूदा रैली में आम निवेशक की रणनीति क्या होनी चाहिए?
बाजार में जब तक बड़ी मुनाफावसूली नहीं आती निवेशकों को इसका लाभ उठाना चाहिए। इस तेजी की अगुवाई मेटल स्टॉक करेंगे। यदि हम इस रैली को देखे तो अब तक मेटल स्टॉक ने इसमें खासी भूमिका निभाई है और यह भूमिका जारी रहेगी। जब भी शेयर बाजार रिबाउंड होता है मेटल स्टॉक की भूमिका होती है। शेयर बाजार में अभी तेजी बनी रहेगी लेकिन यह सैक्टर विशेष रैली है। आम निवेशक को इस समय केवल फ्रंटलाइन शेयरों में ही निवेश करना चाहिए।
इस समय मेटल स्टॉक में चल रही तेजी अगले दो चार दिन में आईटी सैक्टर में भी आएगी। इसके बाद बैंक स्टॉक्स चलने लगेंगे। आम निवेशक को फ्रंटलाइन स्टॉक्स के अलावा निफ्टी खरीद की ओर ध्यान देना चाहिए जो कई सैक्टर और प्रमुख शेयरों का प्रतिनिधित्व करती है। आम निवेशक को इस समय बाजार में आना चाहिए लेकिन वे इस समय डर रहे हैं कि कुछ उल्टा पुल्टा न हो जाए। आम निवेशक तब आएंगे जब सेंसेक्स 12 हजार अंक पहुंच जाएगा और सेल ऑफ दिखाई देगा। इस लेवल पर तेजडि़यों और मंदडियों में लड़ाई होगी, दोनों एक दूसरे पर हावी होने का प्रयास करेंगे। मेरा मानना है कि बेहतर लाभ पाने के लिए आम निवेशक को इस स्तर पर बाजार में प्रवेश करना चाहिए।
एक अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी ने अपने सर्वे में कहा है कि भारतीय शेयर बाजार इस साल 14 फीसदी बढ़ेगे, आपका क्या अनुमान है?
मेरा मानना है कि बीएसई सेंसेक्स का निचला स्तर 8200 अंक रहना चाहिए और बाजार यहां से इस साल 50 फीसदी बढ़ेगा। फंड फ्लो इसी तरह बना रहा तो सेंसेक्स आसानी से 13-14 हजार अंक पहुंच सकता है। बाजार का बढ़ना इस पर निर्भर है कि विदेशी संस्थागत निवेशक कितनी खरीद करते हैं। ये फंड पिछले कुछ दिनों से लगातार खरीद कर रहे हैं जिसने बाजार को बढ़ने में मदद की है।
आपकी राय में किन कंपनियों या सैक्टर में निवेश किया जाना चाहिए जो इस साल के अंत तक लाभदायी रहे?
मैंने जैसा पहले बताया मेटल, आईटी और बैंक सैक्टर इस समय आकर्षक हैं। एक निवेशक इन सैक्टरों की फंडामेंटल और तकनीकी रुप से मजबूत कंपनियों में निवेश कर बेहतर रिटर्न पा सकता है। मेटल सैक्टर की बात करें तो जेएसडब्लू स्टील और सेसा गोवा मुझे काफी अच्छे लगते हैं। आईटी सैक्टर में मेरी पसंद टीसीएस और निट है। जबकि, बैंकिंग सैक्टर में एक्सिस बैंक और एसबीआई पर ध्यान देना चाहिए।
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आखरी बार संपादन किया गया ( सोमवार , 15 मार्च 2010 )
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