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दिल्ली में सरकार बनने से पहले फिर मौका मिलेगा शेयर खरीद का: गौरांग शाह |
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मुलाकात | द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता | सोमवार , 11 मई 2009 |
शेयर बाजार में इस सप्ताह भारी उथल पुथल रह सकती है क्योंकि शेयर बाजार की नजर लोकसभा के लिए पांचवें एवं अंतिम मतदान के साथ नतीजों पर रहेगी। नतीजों से ही पता चलेगा कि दिल्ली में किस दल की सरकार बनती है लेकिन उसके सहयोगी दल कौन कौन से होंगे, बाजार को काफी प्रभावित कर सकते हैं। दिल्ली में सरकार का गठन होने से पहले उन निवेशकों को शेयर खरीद का मौका फिर से मिलेगा जो पिछले दिनों बढ़त शुरु होने से पहले शेयर नहीं खरीद पाए। यह कहना है जीयोजिट बीएनपी पारिबा फाइनेंशियल सर्विसेज लि., मुंबई के मुख्य प्रबंधक गौरांग शाह का। गौरांग शाह से मोलतोल संवाददाता ने चुनाव नतीजो और शेयर बाजार पर इसके पड़ने वाले असर को लेकर बातचीत की। पेश है बातचीत के मुख्य अंश।
आम चुनाव पूरे होने जा रहे हैं, नतीजों का इंतजार है, शेयर बाजार का इसे किस तरह देख रहा है?
मैं समझता हूं कि शेयर बाजार में काफी चंचलता रहेगी और यह 16 मई तक काफी बढ़ जाएगी। मेरा मानना है कि शेयर बाजार में पांच से दस फीसदी का करेक्शन आ सकता है। लोकसभा के लिए पांचवें और आखिरी मतदान के साथ शेयर बाजार में उतार चढ़ाव काफी बढ़ जाएगा। बाजार की नजर इस पर रहेगी कि केंद्र में सरकार कौनसा दल बनाता है। कांग्रेस सरकार बनाती है या भाजपा सत्ता में बैठती है। लेकिन ये दोनों दल अपने दम पर अकेले सरकार न तो बना सकते हैं और न ही चला सकते हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि इन दोनों बड़े दलों को किन छोटे दलों से सहयोग मिलता है। लेकिन दिल्ली में सरकार बन जाने के बाद शेयर बाजार में स्थिर से अपट्रेंड की संभावना प्रबल है।
भारतीय शेयर बाजार के प्रति आधिकतर विश्लेषक, निवेशक आशावादी हैं। सेंसेक्स और बाजार को लेकर अनेक भविष्यवाणियां की जा रही हैं। आपका क्या कहना है?
भारतीय शेयर बाजार के प्रति मैं भी आशावादी हूं और अब बाजार में उतने खतरे दिखाई नहीं दे रहे जितने हमने पिछले समय देखे हैं। मेरा मानना है कि इस साल के अंत तक बीएसई सेंसेक्स 14 से 16 हजार के बीच रहेगा और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी चार से पांच हजार अंक के बीच देखने को मिलेगा।
आम निवेशक की मौजूदा माहौल में निवेश रणनीति कैसी होनी चाहिए?
आम निवेशक को अपना पैसा धीरे-धीरे शेयर बाजार में लगाना चाहिए। एक साथ सारा पैसा न लगाएं। यह निवेश भी वे केवल फ्रंटलाइन शेयरों में करें जो पहले की तुलना में काफी सस्ते दामों पर मिल रहे हैं। लेकिन आम चुनाव के नतीजों से पूर्व जो निवेशक दुविधा में हों उन्हें नतीजों से पहले अपने शेयर बेच देने चाहिए और दिल्ली में सरकार का गठन होने से पहले मिलने वाले खरीद मौके का इंतजार करना चाहिए।
निवेशक किन सैक्टरों या शेयरों पर ध्यान दे सकते हैं?
बीएसई सेंसेक्स के 30 और निफ्टी के 50 यानी फ्रंटलाइन शेयरों में ही निवेश किया जाना चाहिए। बाजार के आगे बढ़ने पर पहला मूवमेंट इन्हीं स्टॉक्स में आता है। सैक्टर अनुसार बात करें तो पावर, कैपिटल गुडस, इंजीनियरिंग, बैंकिंग और मेटल सैक्टर की कंपनियों में निवेश किया जा सकता है। ये सैक्टर आने वाले दिनों में बेहतर रिटर्न देंगे।
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आखरी बार संपादन किया गया ( सोमवार , 15 मार्च 2010 )
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