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सेंसेक्स साल के अंत तक 17000 : डी डी शर्मा |
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मुलाकात | द्वारा/by : रजनीश कांत | रविवार , 02 अगस्त 2009 |
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भारतीय शेयर बाजार इस समय लांग टर्म बुल फेज में हैं और इस साल के अंत तक सेंसेक्स 17 हजार एवं निफ्टी पांच हजार अंक को छू सकता है। निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए और यही निवेश असल में निवेशकों को अमीर बनाता है। यह मानना है कि आनंद राठी सिक्युरिटीज, मुंबई के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट-रिसर्च डी डी शर्मा का। डी डी शर्मा से मोलतोल संवाददाता रजनीश कांत ने शेयर बाजार की अगली चाल एवं निवेश रणनीति पर बात की। पेश है बातचीत के खास अंश:
शेयर बाजार में रैली को क्या आप बुल रन की शुरुआत मानते हैं या अभी भी हम लोग बेयर मार्केट में ही है?
हम लोग केवल लांग टर्म बुल फेज में हैं, यहां तक कि जब सेंसेक्स 6800 का स्तर छूता है तो भी लगातार हम लोग ट्वेंटी ईयर साइकिल में बुल रन में ही होंगे।
शॉर्ट टर्म में निवेशकों के लिए आपके क्या सुझाव हैं?
शॉर्ट टर्म के निवेशक और कारोबारी हमेशा तेज करेक्शन की आशंका से भयभीत रहते हैं और बाजार में जारी वोलेटिलिटी मुनाफे की गुंजाइश खत्म कर देती है। इसलिए निवेशक और कारोबारी भारी करेक्शन आने पर चुनिंदा स्टॉक्स में लांग टर्म के लिए खरीदी करें।
आम बजट में सिक्युरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) के नहीं हटाए जाने पर क्या आप निराश थे?
सिक्युरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) के नहीं हटाए जाने पर मैं जरा भी निराश नहीं था।
निवेशकों को इस समय किन सैक्टरों को निवेश के लिए नजर अंदाज करना चाहिए?
मैं तो इस समय रिफाइनर्स, टेक्सटाइल, शीपिंग और ऑटो कंपोनेंट सैक्टर में निवेश करने को नजरअंदाज करूंगा।
आप इस साल के आखिर तक सेंसेक्स और निफ्टी में क्या स्तर देखते हैं ?
इस साल के अंत तक या इससे पहले सेंसेक्स 17000 के आसपास, जबकि निफ्टी 5000 के आसपास रह सकता है।
बीएसई और एनएसई के अलावा दो और नए शेयर बाजारों के आने की हलचल सुनाई दे रही है, क्या हमारे देश को वाकई ज्यादा शेयर बाजारों की जरुरत है, जबकि अनेक रिजनल शेयर बाजार दम तोड़ चुके हैं?
मुझे नहीं लगता कि देश में फिलहाल और स्टॉक एक्सचेंज की जरूरत है।
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आखरी बार संपादन किया गया ( रविवार , 02 अगस्त 2009 )
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