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दलाल स्ट्रीट: मंदडि़यों को मालामाल बना सकता है शनि |
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खास फीचर | द्वारा/by : पाराशर | सोमवार , 14 सितम्बर 2009 |
नौ सितंबर को शनि के राशि परिवर्तन के बाद दो बातें बिल्कुल स्पष्ट है। पहली तो यह कि इसका बाजार पर एक बड़ा प्रभाव पड़ा है। दूसरा व्यक्तिगत कुंडलियों पर भी कई बदलाव दिखेंगे। किस कुंडली में कितना बदलाव आएगा और बाजार का रुख क्या रहेगा।
मेरी सोच है कि अब बाजार में एक स्वाभाविक आकर्षण पैदा होगा। पुराने लोग फिर से जुड़ेंगे और नए भी आएंगे। जरूरी नहीं है कि इन दिनों बाजार लगातार ऊपर ही जाए। शनि नेगेटिव ग्रह है इसलिए मंदडि़यों के काम का कहा जा सकता है और यह बैठा बुध की राशि में है। इसलिए कह सकते हैं कि अगले ढाई साल में जो क्रम अब से नवंबर के आखिर तक में बनेगा, वह कई बार दोहराया जाएगा। ऐसे में आने वाले ढाई महीने में बाजार पर इस तरह नजर रखिए कि उतार-चढ़ाव का क्रम अंगुलियों के पोरों पर आ जाए। क्योंकि इस समय पैदा हुई समझ अगले ढाई साल तक कई बार आने वाली गिरावट में अच्छा लाभ दिला सकेगी। मैं एक बार फिर कहना चाहूंगा आने वाला दौर मंदडि़यों का दिखाई दे रहा है।
अब बात करते हैं अगले ढाई महीने में विभिन्न ग्रहों की स्थिति की वजह से लग्नों या राशियों के हानि लाभ की संभावनाओं और आशंकाओं की-
मेष के लोगों के लिए शनि छठे यानि शत्रु भाव में आकर बैठा है। यह स्थिति अच्छी तो नहीं है, लेकिन यहीं पर उच्च का बुध भी बैठा है। यानि ऋण लेकर घी पीने का दौर है। तीसरे भाव का मंगल आपको हौसला दे रहा है। बाजार पर काबिज हो जाइए। जमकर बेचिए, एक बार पैसा फंसता हुआ दिखेगा लेकिन जमे रहेंगे तो अच्छा लाभ उठा लेंगे। हां, ढाई महीने के आखिरी दिनों में तेजी से बाहर निकलने की कोशिश कीजिएगा। हिम्मत बनी रही और तेजी भी तो लाभ कई गुना बढ़ा लेंगे। भगवान सूर्य नारायण की अराधना करेंगे तो स्पेक्युलेशन में भी लाभ उठा सकेंगे।
वृष के लोग खुलकर खेलें। सही कहूं तो आने वाले दिन आपके ही हैं। आप लोगों के लिए शनि सामान्य तौर पर कारक ग्रह होता है। अब यही पांचवे घर में आ बैठा है। ढाई साल आपके पास हैं। बाजार चढ़ेगा तो आपको कुछ देकर ही जाएगा। तो बड़े दांव खेलने के बजाय आराम से बैठकर सामान्य तरीके से निवेश और मुनाफा वसूली करते रहें। इन ढाई सालों में अच्छा मुनाफा कमा लेंगे। अगर आपके ईष्ट शनिदेव हैं तो शनि मंदिर नियमित रूप से जाना शुरू कर दीजिए और हनुमानजी हैं जो हनुमान मंदिर जाना शुरू कर दीजिए। दोनों ही स्थितियों में लाभ में रहेंगे।
मिथुन के लोग बैंक अकाउंट में कुछ रखने के बजाय बाजार में ही कुछ रखें तो बेहतर है। शनि चौथे में आ गया है और कारक ग्रह केतु के साथ दूसरे भाव में फंसा हुआ है। ऐसे में आपको मंगल से फुल चार्ज मिलने के बावजूद आपको बाजार पर नजर रखते हुए काम करना चाहिए। बड़े दांव न खेलें। घर में अगर शांति बनी रहती है तो ठीक वरना किसी भी माताजी के मंदिर में नियमित जाना शुरू कर दें। हो सके तो मंदिर में ध्वजा भी चढ़ाएं। इससे आप अपने संग्रह किए गए धन को बचा सकेंगे।
कर्क के लोगों के लिए भी निवेश का दौर है। द्वादशेश बुध शनि के साथ बना हुआ है। कुछ दिन में बुध कन्या से निकलकर तुला में चला जाएगा। इसके बाद किए गए निवेश से लाभ उठाया जा सकता है। फिलहाल तो जहां-जहां पैसा निवेश कर सकते हैं, कर दीजिए। शनि महाराज पैसे को फसांऐंगे तो सही लेकिन समय आने पर आप अच्छा लाभ हासिल कर सकते हैं। लाभ की की स्थितियों को बढ़ाने के लिए मुरुगन, हनुमान या मूंगा काम देंगे। अगर पहले से हनुमान भक्त रहें हैं तो लाभ की फसल काटने का दौर है।
सिंह के लोगों को अब मंदडि़ए की भूमिका में आ जाना चाहिए। बाजार में जमकर बेचिए। फ्यूचर एंड ऑप्शन आपके लिए है। अगर उसमें ट्रेड भी न करें तो कम से कम नजर रखिए। आने वाला ढाई साल का दौर आपको खासा धन दिला सकता है। जेब से पैसा निकलने की आशंका कम ही रहेगी। हां, हर थोड़े अंतराल में आपको आता हुआ ही दिखाई देगा। एक साथ बड़ा हाथ भी न मार पाएं तो कम से कम छोटे-छोटे कई लाभ नियमित मिलते रह सकते हैं। तो एक बार में बड़ी मछली पकड़ने के बजाय छोटे कदम उठाना आपके लिए लाभ का सौदा साबित हो सकता है। कई बार आपको पूरी कहानी समझ में भी आ जाएगी लेकिन फिर भी खुद पर नियंत्रण रखते हुए बड़े सौदों से बचने की कोशिश करिए।
कन्या के लोगों के लिए निवेश का अच्छा समय है। अभी निवेश की जितनी संभावनाएं दिखाई दें निवेश कर दें। ये निवेश दीर्ध अवधि हों तो बेहतर है क्योंकि फसल काटने का समय अभी आया नहीं हैं। वैसे आपके केंद्र में शनि है तो विचारधारा एक बारगी नेगेटिव बनेगी। यह शुरूआत में आपके कदम रोकेगी लेकिन अल्टीमेटली आप लाभ की स्थिति में आएंगे।
तुला के लोगों के लिए हालांकि शनि कारक ग्रह होता है लेकिन अब यह बारहवें भाव में आकर बैठ गया है। इसे बहुत अच्छी स्थिति नहीं कही जा सकती। इसके बावजूद पहले एक महीने में आप सूर्य की सहायता से अच्छे लाभ अर्जित कर सकते हैं। शुरूआती एक महीने के बाद आपका अधिकतर निवेश शनि या शनि से संबंधित कंपनियों में ही हो तो बेहतर है। इससे आप लंबे समय बाद अच्छा लाभ अर्जित कर सकेंगे।
वृश्चिक के लोगों के लिए फिलहाल तो लाभ की फसल काटने का दौर है। लेकिन निवेश के लिए अभी कुछ समय तक रूके। यहां कुछ समय से मतलब कम से कम तीन महीने है। इसका स्पष्ट कारण है कि बाजार को समझने के लिए आपको वक्त चाहिए। लग्नेश अष्टम है सो वैसे भी अभी बाजार में कूदने और धूम मचाने का वक्त नहीं है। इसलिए कुछ समय तक रुका जाए तो बेहतर है। वैसे आने वाले दिनों में धीरे-धीरे शनि लाभ की स्थितियां पैदा करेगा। पुराना निवेश कुछ ही दिनों में अपनी अच्छी स्थिति में आ जाएगा। तब इंतजार करने के बजाय तेजी से मुनाफा वसूली करना लाभ का सौदा रहेगा।
धनु के लोगों के लिए शनि कुछ कठिन समय लेकर आया है। अब तक आप में से जिन लोगों ने कंपनियों के फंडामेंटल्स पर ध्यान नहीं दिया है वे अब निश्चत लाभ कमाने के लिए कंपनियों के चार्ट्स को ध्यान से देखना शुरू कर दें। निश्चित तौर पर लाभ की स्थिति में आ जाएंगे। एक बात और अब तक हो सकता है कि आपको टिप्स ने कभी-कभार लाभ दिला दिया हो लेकिन अब स्थितियां उलट गई हैं। अब पहले की तरह टिप्स लाभ का सौदा नहीं रही। इसलिए खुद के विश्लेषण पर ही निर्भर रहने में भलाई है।
मकर के नौंवे में शनि महाराज विराजमान हो गए हैं। अब तक को स्थिति ये थी कि पूरी मेहनत करने के बाद थोड़ा लाभ मिलता रहा होगा। अब अगले ढाई साल में आपका पुराना अध्ययन नए विश्लेषण के साथ आपको अपेक्षा से अधिक लाभ दिला सकता है। यानि पहले की मेहनत अब काम आएगी।
कुंभ के लोगों को अब कुछ समय तक शांति बनाए रखनी पड़ेगी। अगर आपका कांफिडेंस लेवल कम है तो बाजार से दूरी बनाए रखें लेकिन बाजार को देखें जरूर। अभी भले ही लाभ न हो लेकिन निकट भविष्य में आप फीनिक्स की तरह वापस लौटेंगे। अभी तो कुछ दिन दूर रहने में भलाई दिख रही है। भले ही आपके हाथ में पैसा हो और खर्च करने की सामर्थ्य भी लेकिन कहीं निवेश भी करें तो केवल प्रयोग के तौर पर ही करें।
मीन के लोगों के दोस्त अभी प्रभावी हैं। टिप्स भी काम आ सकती हैं। इसके बावजूद बाजार पर खुद को भी नजर रखनी चाहिए। बच्चों का स्वास्थ्य ठीक है तो स्पेक्युलेशन भी कर सकते हैं। उधार से दूरी बनाए रखें और शनि महाराज की शांति के लिए शनि का दान करें। बाजार में अभी आपके लिए बहुत कुछ नहीं है। पहले का निवेश है उसे पडा़ रहने दें। अभी लाभ की पूरी स्थितियां नहीं बनी हैं। तीन महीने तो आपको रुककर बाजार को समझना ही पड़ेगा। टिप्स भी इसके बाद की काम में लें तो बेहतर है।
डिस्क्लेमर : यहां जहां भी राशि लिखा गया है वह भारतीय ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा की राशि है न कि अंग्रेजी अखबारों में आने वाली सूर्य राशि। सूर्य राशि सूर्य की मासिक गति के हिसाब से होती है और चंद्र राशि चंद्रमा के सवा दो नक्षत्रों यानि ढाई दिन के विचरण पर आधारित होती है। अगर आप अपना लग्न पता कर सकते हैं तो वही पता करें। ये फलादेश लग्न के हिसाब से अधिक सटीक रहेगा। लग्न और राशि दोनों इस आधार पर दिए जा रहे हैं कि किसी जातक की कुंडली में दोनों में से जो अधिक प्रभावी हो उसके आधार पर निष्कर्ष निकाल लिए जाएं। जिन जातकों के लिए एक बार जिस प्रकार से फलादेश सटीक होंगे हर बार उसी तरीके से देखना ठीक रहेगा। कभी लग्न या कभी राशि वाला मसला नहीं होता। यहां गोचर के आधार पर निष्कर्ष दिए गए हैं, व्यक्तिगत कुंडली में परिणाम भिन्न हो सकते हैं।
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