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भारत में निवेश की अपार संभावनाएं: वेद प्रकाश चतुर्वेदी छापें
  
मुलाकात |  द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता |  सोमवार , 21 सितम्बर 2009
ved_prakash_chaturvedi.jpgटाटा म्युचुअल फंड के प्रबंध निदेशक वेद प्रकाश चतुर्वेदी का मानना है कि भारत में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। वेद प्रकाश ने भारतीय बाजार के रुझान एवं आर्थिक संकट से भारतीय कार्पोरेट जगत के साथ-साथ निवेशकों को क्या सीख लेने की जरूरत है, जैसे मुद्दों पर मोलतोल संवाददाता से बातचीत की। पेश है उनके साथ बातचीत के खा़स अंश।

स्टॉक बाजार के बारे में आपकी क्या राय है ?
 
कारोबारी भरोसा एक बार फिर से वापस लौटा है, पूंजी प्रवाह फिर से शुरू हुआ है और आर्थिक नीति फिलहाल स्थिर है। हालांकि बाजार के लिए बहुत सारी सकारात्मक खबरें हैं लेकिन कुछ नकारात्मक खबरें भी हैं मसलन कमजोर मानसून एवं अंतरराष्ट्रीय मोर्चे की नकारात्मक खबर। घरेलू बाजार में बड़े पैमाने पर पूंजी का न आना भी चिंता का विषय है। लेकिन हमें यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि पिछले छह महीनों के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों के दस अरब डॉलर भारतीय बाजार में आए हैं। अर्निंग ग्रोथ के तेज होने की उम्मीद है लेकिन यह बहुत कुछ सितंबर तिमाही की अर्निंग ग्रोथ पर निर्भर करती है। इसके अलावा हमें महंगाई और ब्याज दरों पर भी नजर रखने की जरूरत है जो कि थोड़ा ऊपर जा सकती है। इन सब चीजों का असर आर्थिक विकास पर देखा जा सकता है।

कॉर्पोरेट जगत में इस समय कैसा माहौल है ?

हालांकि कोहरा कुछ छंटा है और आउटलुक कुछ सकारात्मक हुए हैं लेकन लोग अभी भी चिंतित और संशय में हैं। आईटी उद्योग चिंतित है। ग्रामीण सैक्टर से जुड़े उद्योग कमजोर मानसून को लेकर परेशान हैं। मेरे विचार से पिछले कुछ महीनों के मुकाबले इस समय कार्पोरेट भरोसा काफी अधिक है।

कंपनियो द्वारा विभिन्न माध्यमों के जरिए पूंजी जुटाने के बारे में आपका क्या कहना है ?

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट से कंपनियों की बैलेंसशीट मजबूत करने में काफी मदद मिल रही है लेकिन यह बाजार से नकदी को सोख रहा है जो कि चिंता की बात है। लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि बड़ी मात्रा में एफआईआई की पूंजी सिस्टम में आ रही है और बाजार के लिए नकदी कोई चिन्ता की बात नहीं होनी चाहिए।

आप किन सैक्टर्स को लेकर तेजी में हैं ?

मैं ऑटोमोबाइल, सीमेंट एवं एफएमसीजी सैक्टर्स को लेकर बुलिश हूं। भारत में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। निवेशकों का लार्ज कैप कंपनीज से मिड कैप कंपनीज की ओर रुझान बढ़ेगा।

पिछले साल के संकट से हमने क्या सीखा ?

मेरे विचार में इससे सीख लेने वाली सबसे बड़ी चीज है वैज्ञानिक पोर्टफोलियो विविधीकरण सबसे अच्छी रणनीति होती है। निवेशकों को अपने पोर्टपोलियो को विविधीकरण करना चाहिए। सबसे बड़ी सीख तो ये लेनी चाहिए कि लोगों को, देश को और कारोबारियों को अपने साधन को ध्यान में रखना चाहिए। कारोबारियों को अपनी जोखिम को नियंत्रण में रखने की कला आनी चाहिए।    

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