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वक्री बुध: गिर सकते हैं फाइनेंस और टेलीकम्युनिकेशन शेयर |
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खास फीचर | द्वारा/by : पाराशर | मंगलवार , 22 सितम्बर 2009 |
बाजार और आपका भाग्य
सितंबर के चौथे सप्ताह में राशियों में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं आ रहा है। शनि पहले ही बदल चुका है। गुरु और मंगल अपनी स्वाभाविक गतियों में लगे हैं। इस सप्ताह ध्यान देने की बात है बुध की। बुध वक्री हो गया है। यह अभी कई दिन वक्री ही रहेगा। तो सितंबर के चौथे सप्ताह में बैंकिंग, मुद्रा विनिमय, कंसल्टेंसी और बुध से जुड़े अन्य व्यापारों में अभी कुछ दिन नेगेटिव प्रभाव बढ़ेगा। अपनी उच्च की राशि में वक्री हुए बुध का असर इतना अधिक हो सकता है कि फाइनेंस और टेलीकम्युनिकेशन से जुड़े कुछ शेयर औंधे मुंह गिर सकते हैं। इसलिए इन सैक्टरों से दूरी बनाए रखने में ही भलाई है। अगर पहले निवेश कर रखा है तो भी शेयर बेचने के बजाय रुककर इंतजार करना श्रेष्ठ है। अब देखते हैं बारह राशियों का प्रभाव।
मेष लग्न या राशि वाले लोग : छठे भाव में उच्च का बुध वक्री होकर बैठा है। एक कोण से यह आपके लिए अच्छा है कि आप उधार लेकर अच्छा निवेश कर सकते हैं वहीं दूसरी और वक्री बुध आपके बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़े शेयरों को औंधे मुंह ला पटक सकता है। कुल मिलाकर सावधान रहने का सप्ताह। अगर आप बाजार की नब्ज को पहले से पकड़े बैठे हैं तो इस सप्ताह उधार के पैसे से डेली ट्रेडिंग कीजिए। निश्चत तौर पर लाभ हो सकता है।
वृष लग्न या राशि वाले लोग : पांचवें में बुध की उपस्थिति बाजार में आपकी स्थिति को स्ट्रांग बनाती है। उधार से दूरी बनाए रखने में सफल हुए तो उतार-चढ़ाव के बीच कुछ लाभ भी अर्जित कर सकेंगे। उधार से दूर रहना जरूरी है।
मिथुन लग्न या राशि वाले लोग : इस सप्ताह अपने निवेश को डायवर्सिफाई करें। डेली ट्रेडिंग भी करें तो किसी विशेष सैक्टर या शेयर को ध्यान में रखने के बजाय चारों दिशाओं में दिमाग को घुमाने की कोशिश कीजिए। लाभ का प्रतिशत कई गुना बढ़ जाएगा।
कर्क लग्न या राशि वाले लोग : इस सप्ताह शेयर बाजार या सही कहें तो निवेश से दूरी बनाई रखनी जरूरी है। न तो निवेश से फायदा होगा और न ही स्पेक्युलेशन से। इसलिए बैठकर बस उतार-चढ़ाव को देखते रहें। बस यही लाभ का सौदा दिखता है।
सिंह लग्न या राशि वाले लोग : इस सप्ताह आपके लिए मुनाफा वसूली का दौर है। अपने निवेश के अधिकांश हिस्से को आप निकाल सकते हैं। इससे आपको अच्छा लाभ हो सकता है।
कन्या लग्न या राशि वाले लोग : पंचमेश लग्न में बैठकर आपको सट्टा खेलने की अनुमति दे रहा है। ऐसे में अगर लघु अवधि निवेश और डेली ट्रेडिंग में भाग्य आजमाएं तो कुछ लाभ उठा सकते हैं।
तुला लग्न या राशि वाले लोग : इस सप्ताह दो काम एक साथ करने होंगे। पहले निवेश किए गए की मुनाफा वसूली और दूसरी तरफ जमकर निवेश। इस सप्ताह दीर्ध अवधि निवेश भी किए जा सकते हैं। अभी भले ही ये घाटे का सौदा दिखे लेकिन लंबी अवधि में इस सप्ताह के निर्णय लाभ का सौदा दिखेंगे।
वृश्चिक लग्न या राशि वाले लोग : इस सप्ताह पुराने निवेश को कैश करा लें। यह सही समय है। और अगर निवेश करें तो उसे पूरी तरह डायवर्सिफाई करें। यानि जितने अधिक शेयरों में निवेश करेंगे फायदा उतना ही अधिक होगा।
धनु लग्न या राशि वाले लोग : आपके लिए सलाह दो स्तर में है। अगर आपने पहले अलग-अलग शेयरों में निवेश किया हुआ है तो उन्हें इस समय बेचने का सबसे उपयुक्त समय है। इस सप्ताह जो लाभ मिलेगा वह आगे दिखाई भी नहीं देगा। दूसरे स्तर में अगर आपने किसी विशेष शेयर या सैक्टर में अधिकांश निवेश कर रखा है तो उसे छेडि़एगा मत।
मकर लग्न या राशि वाले लोग : इस सप्ताह बाजार की गति आपकी पकड़ में नहीं आ रही। इसे समझने के लिए आपको अभी कुछ और वक्त लगाना होगा। वैसे आप अगर खानदानी निवेशक हैं। यानि आपके पिता और दादा भी यही काम करते रहे हैं तो आप इस सप्ताह आप विदेशी शेयरों में निवेश कर भाग्य आजमा सकते हैं।
कुंभ लग्न या राशि वाले लोग : डेली ट्रेडिंग का समय आपके लिए सुरक्षित है। जमकर खेलिए और रुकिए मत। शुरूआती दौर में कुछ नुकसान भी हो तो अपनी गति को कम मत कीजिएगा। निश्चित तौर पर सप्ताह के अंत तक लाभ की स्थिति में होंगे।
मीन लग्न या राशि वाले लोग : निवेश तो मत कीजिएगा लेकिन मुनाफा वसूल कर सकते हैं। हालांकि लाभ की मात्रा अच्छी नहीं होगी लेकिन कुछ शेयरों से इस सप्ताह पिंड छुड़ाया जा सकता है।
डिस्क्लेमर : यहां जहां भी राशि लिखा गया है वह भारतीय ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा की राशि है न कि अंग्रेजी अखबारों में आने वाली सूर्य राशि। सूर्य राशि सूर्य की सालाना गति के हिसाब से होती है और चंद्र राशि चंद्रमा के सवा दो नक्षत्रों यानि ढाई दिन के विचरण पर आधारित होती है। अगर आप अपना लग्न पता कर सकते हैं तो वही पता करें। यह लग्न के हिसाब से अधिक सटीक रहेगा। लग्न और राशि दोनों इस आधार पर दिए जा रहे हैं कि किसी जातक की कुंडली में दोनों में से जो अधिक प्रभावी हो उसके आधार पर निष्कर्ष निकाल लिए जाएं। जिन जातकों के लिए एक बार जिस प्रकार से फलादेश सटीक होंगे हर बार उसी तरीके से देखना ठीक रहेगा। कभी लग्न या कभी राशि वाला मसला नहीं होता। यहां गोचर के आधार पर निष्कर्ष दिए गए हैं, व्यक्तिगत कुंडली में परिणाम भिन्न हो सकते हैं।
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