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शेयर बाजार का रुख नकदी पर करेगा निर्भर: अशोक जैन छापें
  
मुलाकात |  द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता |  शनिवार , 17 अक्टूबर 2009

ashok-jain.jpgपिछली दिवाली से इस दिवाली तक सेंसेक्स ने निवेशकों को सौ फीसदी से भी ज्यादा का रिटर्न दिया है। लांग टर्म में सेंसेक्स का बेहतरीन प्रदर्शन जारी रहेगा, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसका रुख नकदी की स्थिति पर निर्भर करेगा। यह कहना है कि शेयर ब्रोकिंग फर्म अरिहंत कैपिटल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अशोक जैन का। भविष्य में शेयर बाजार की चाल और मौजूदा आईपीओ के मिल रहे प्रतिसाद सहित शेयर बाजार से जुड़े कई सवालों के बारे में मोलतोल संवाददाता ने अरिहंत कैपिटल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अशोक जैन से बात की। पेश है बातचीत के मुख्य अंश:

स्टॉक मार्केट 17महीनों की ऊंचाई पर है,आगे आपको क्या लगता है?

भारतीय अर्थव्यवस्था दीर्घ अवधि में दुनिया भर में मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगी। इसलिए बाजार का दीर्धकालीन रुख सकारात्मक है। लेकिन शॉर्ट टर्म में यह बहुत कुछ नकदी की स्थिति पर निर्भर करता है।   

बाजार में अगर करेक्शन आता है तो आप निवेशकों को किन सैक्टर में निवेश की सलाह देंगे?


मेरी नजर में बैंकिंग,सीमेंट,स्टील एवं चुनिंदा इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स के अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड हैं।

नकदी अपनी दिशा बदल रही है,इसके क्या संकेत हैं?
 
इस साल अब तक बाजार में नकदी का इन फ्लो पिछले साल के आउट फ्लो से ज्यादा रहा है।

सैकंडरी बाजार के अच्छा करने के बावजूद नई लिस्टिंग को सुस्त प्रतिसाद क्यों मिल रहा है?
 
कंपनियां ऊंचे वैल्यूएशन के साथ प्राथमिक बाजार में उतर रही हैं, जिससे सैकंडरी बाजार में मुनाफा कमाने की गुंजाइश ही नहीं बचती है। निवेशक प्राथमिक बाजार में निवेश करके पहले भी अपना हाथ जला चुके हैं।

पिछली तिमाही में किन सैक्टरों ने अच्छा किया था?
 
पिछली तिमाही में मेटल, बैंकिंग, फार्मा एवं इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया था।

क्या आपको लगता है कि जिन सैक्टर ने पिछली तिमाही में अच्छा किया था,अगली तिमाही में भी वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे?
 
किसी भी सैक्टर का प्रदर्शन उस सैक्टर की क्षमता पर निर्भर करता है। अगली तिमाही में फार्मा एवं एफएमसीजी सैक्टर के अच्छा करने की संभावना है।

शेयर बाजार के लिए आने वाले दिनों में क्या-क्या चुनौतियां हैं,खासकर भारतीय शेयर बाजार के लिए?
 
निवेशकों के लिए अच्छी कंपनियों में लांग टर्म के लिए निवेश फायदेमंद होता है। लेकिन वास्तविक कमाई तब होती है,जब निवेशक सस्ते में शेयर खरीदता हो और लगातार उसमें लांग टर्म के लिए निवेश करता रहे। जोखिम उनके लिए है जो कि बाजार में तब प्रवेश करते हैं जब वह ऊंचे लेवल पर रहता है और जिसमें धैर्य न हो।

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