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भारतीय शेयरों में 20 फीसदी की बढ़त संभव: यूटीआई |
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खास फीचर | द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता | बुधवार , 20 जनवरी 2010 |
मुंबई। भारत का बेंचमार्क इंडेक्स इस साल 20 फीसदी तक बढ़ सकता है और यह बढ़त खासकर कर्जदाताओं और आईटी कंपनियों की बदौलत रहेगी क्योंकि उनकी कमाई इस साल बेहतर रहनी है।
यूटीआई असेट मैनेजमेंट कंपनी के एक फंड मैनेजर हर्षा उपाध्याय के मुताबिक केवल समय की ही बात है जब हम वित्तीय सेवाओं और दूसरे क्षेत्रों में खपत तेज होते देखेंगे। उनका कहना है कि वर्किंग क्लास यानी नौकरी पेशा लोगों की प्रति व्यक्ति आय हर पांच-छह सालों में दोगुनी होती जा रही है।
तीस सितंबर को खत्म हुई तिमाही में पिछले पांच तिमाहियों में पहली बार भारतीय कंपनियों की कमाई में तेजी आई है। बीएनपी परिबास के मुताबिक भारत की तेजी से बढ़ रही जीडीपी से ही लोगों के खर्चों में भी तेजी आई है। हालांकि विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 1.2 अरब लोगों के इस देश में कम से कम अस्सी करोड़ लोग रोजाना दो डॉलर से भी कम कमाते हैं।
उपाध्याय के मुताबिक कर्ज में तेजी और डूबने वाले कर्ज की संख्या कम होने से बैंकों को फायदा होगा जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सुधार के साथ ही आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी आने लगेगी। उनके यूटीआई ऑपर्चुनिटीज फंड पिछले साल दोगुना हो गया जबकि बीएसई इस दौरान कुल 89 फीसदी बढ़ा था।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था मार्च में खत्म होने वाले साल में सात फीसदी की तेजी से विकसित करेगी और यह पिछले दो सालों में सबसे तेज विकास होगा। जबकि एशिया विकास बैंक का मानना है कि एशिया (जापान को छोड़कर) में इस साल 6.6 फीसदी की दर से विकास होगा।
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