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शेयर बाजार में 21 जनवरी को आई थी सुनामी छापें
  
खास फीचर |  द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता |  गुरुवार , 21 जनवरी 2010
ensex-down.jpgमुंबई। बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज का सेंसेक्‍स इस समय तकरीबन 400 अंक नरम चल रहा है।  आज से ठीक दो साल पहले यानी 21 जनवरी 2008 को बीएसई सेंसेक्‍स 1408 अंक गिरकर बंद हुआ था। घरेलू शेयर बाजारों का आल टाइम हाई से यही से पतन शुरु हुआ। हालांकि, गिरावट की शुरुआत जनवरी के पहले सप्‍ताह से ही शुरु हो गई थी लेकिन बड़ी गिरावट की शुरुआत 21 जनवरी से शुरु हुई। 

21 जनवरी 2008 को  बीएसई सेंसेक्‍स इंट्रा  डे में दो हजार अंक  तक लुढ़क गया था। इस  दिन बीएसई में 1323 शेयरों  में उल्‍टा सर्किट लगा  जबकि महज 51 शेयर ऊपरी  सर्किट को छू पाए। टी समूह में 538 शेयरों में उल्‍टा सर्किट लगा। जबकि बी टू समूह में 325 कंपनियों, बी वन समूह में 151 कंपनियों और ए समूह की दस कंपनियों के शेयर उल्‍टे सर्किट के साथ बंद हुए। 21 जनवरी 2008 को बीएसई में 2891 कंपनियों के शेयरों में कामकाज हुआ जिसमें से केवल पांच फीसदी यानी 139 कंपनियों के शेयर बढ़कर बंद हुए जबकि 2657 कंपनियों के शेयर लाल रंग में रंग गए। 

बीएसई सेंसेक्‍स  और बीएसई-100 इंडेक्‍स पूरी तरह  लाल रंग में रहे जबकि बीएसई-200 और बीएसई-500 के 99 फीसदी  स्‍टॉक्‍स घटकर बंद हुए। बीएसई-200 के महज दो स्‍टॉक बढ़कर बंद हुए। हालांकि, बीएसई-500 इंडेक्‍स अकेला बढ़कर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्‍स अंत में 1408 अंक यानी 7.40 फीसदी गिरकर 17605 अंक पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 8.70 फीसदी यानी 496.50 अंक फिसलकर 5208 अंक पर बंद हुई।

21 जनवरी 2008 को विदेशी संस्‍थागत निवेशकों ने 3296.73 करोड़ रुपए के शेयर बेंचे जबकि घरेलू निवेशकों ने 3399.20 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध खरीद की। इस खरीद में बड़ा हिस्‍सा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का रहा। खुदरा निवेशकों ने भी इस मंदी में 421.39 करोड़ रुपए के शेयर खरीदें। वैश्विक कारणों की वजह से एफआईआई की बिकवाली, रिलायंस पावर और फ्यूचर कैपिटल के आईपीओ में लोगों का पैसा फंसने और मार्जिन बिक्री बाजार की तेज गिरावट के लिए जिम्‍मेदार रहे।

भारतीय शेयर बाजार में 21 जनवरी को आई मंदी 22 जनवरी 2008 को भी नहीं थम पाई और शेयर बाजार में कारोबार एक घंटे के लिए बंद करना पड़ा। हालांकि, दिन की गिरावट से सेंसेक्‍स 2273 अंक सुधरा। बीएसई सेंसेक्‍स 22 जनवरी 2008 को 875 अंक गिरकर 16730 अंक पर बंद हुआ जबकि एनएसई निफ्टी 309 अंक लुढ़ककर 4899 अंक पर बंद हुई। 22 जनवरी 2008 को बाजार में खुलने के साथ ही पहले ही मिनट में दस फीसदी का उल्‍टा सर्किट लगा और बाजार सुबह 10 बजकर 55 मिनट तक के लिए बंद कर दिया गया। 
 

बाजार के दोबारा खुलते ही यह फिर नरम पड़ा और कुल गिरावट 2273 अंक की हो गई जिससे सेंसेक्‍स 15332 अंक आ गया। लेकिन दोपहर बाद वेल्‍यूबाईंग आने से सेंसेक्‍स की गिरावट 875 अंक पर ही सिमट गई। सूत्रों पर भरोसा किया जाए तो 90 शेयर ब्रोकर मार्जिन मनी की व्‍यवस्‍था न कर पाए जिससे उनके टर्मिनल बंद हो गए। 22 जनवरी 2008 को विदेशी संस्‍थागत निवेशकों ने 4265 करोड़ रुपए के शेयर बेच डाले जबकि घरेलू संस्‍थागत निवेशकों ने 2778.71 करोड़ रुपए की खरीद की।
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