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ऑल इज वैल बट स्टॉक मार्केट फेल |
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ब्रोकर राय | द्वारा/by : आदित्य एम जैन | सोमवार , 01 फ़रवरी 2010 |
भारतीय शेयर बाजार को ओबामा के डर से विदेशी निवेशकों ने फायर करके तलाक दे दिया। घरेलू स्तर पर महंगाई ने भी धोखा दे दिया। रही सही कसर सीआरआर ने पूरी कर दी। बेचारा निवेशक जो तेजी की रेलगाड़ी में बैठ गया था, लगता है कि मंदी के कोहरे के कारण अब कुछ दिन की तेजी की रेल लेट चलेगी। बाजार में गिरावट और एफआईआई की बिकवाली के नंबर देखकर अभी दूर रहने की सलाह है। हालांकि, अभी भी महत्वपूर्ण स्तरों से बाजार ऊपर चल रहे हैं। पिछले कारोबारी सत्रों में जो रिकवरी का पैटर्न दिखा उससे हाल फिलहाल बड़े करेक्शन की उम्मीद कम है। बजट में एक्साइज डयूटी, राहत पैकेज वापस लेने और टैक्स रियायतों पर कैंची चलने के खतरे मंडरा रहे हैं।
निचले स्तरों में 16317/4863 मुख्य स्तर (पिवट लेवल) है। अमरीकी बाजार और क्रेक होते हैं तो हमारे बाजार रिवर्स गियर में चल सकते हैं। 16264-16208-16144/4846-4819-4796 पर हल्का सपोर्ट है। एशिया के बाजार अगर पुन: लाल निशान में खुलते हैं एवं एफआईआई की बिकवाली फिर से बड़े लॉट में होती है तो चिंता बढ़ सकती है जिससे बाजार में घबराहट का माहौल बन सकता है। 16058-15980-15912/4769-4750-4717 ट्रेंड लाइन पर कड़ा सपोर्ट है। तकनीकी रुप से 150 दिन की एल लाइन पर पर इंट्रा डे डिप मारकर ऊपर बंद होता है तो अगले दिन गेप अप ओपनिंग भी ओपनिंग भी हो सकती है। ऑटो एवं उद्योगों की बिक्री के आंकड़े जरा भी नकारात्मक आते हैं तो सारी खराब खबरें हमारे ऊपर आकर तांडव दिखा सकती है। वायदा में हालांकि रोल ओवर पिछले माह से अधिक है लेकिन दोजी पैटर्न में बंद होना अनिश्चितता का संकेत है।
निफ्टी में प्रीमियम को देखकर लगता है लांग पोजीशन अभी भी ज्यादा खड़ी है। मंदडिया अगर थोड़ी ताकत और लगाता है या गेप डाऊन ओपनिंग होती है तो सारे मार्जिन के सौदे तुरंत कटेंगे जिससे घबराहट फैलेगी। दिग्गजों में मंदी से 15838-15793-15740/4700-4655-4607 (200 डीए) के अहम स्तरों को छू सकता है। ये बैरियर टूटते हैं तो बड़े क्रेक भी बाजार में दिख सकते है। मेरे अनुमान से बाजार को इन स्तरों पर खरीदी का सपोर्ट मिलता है तो अच्छी वापसी हो सकती है लेकिन आईआईपी के नंबर और बजट के वित्त घाटा कम करने के लिए पूर्व रियायतें खत्म करने पर जोरदार लाबिंग होती है तो इस बसंत में पतझड़ भी देखने को मिल सकता है। 15666-15575-15487/4582-4563-4549 जो 200 सत्रों के एचएल लाइन पर मनोवैज्ञानिक सपोर्ट है। यहां निवेशक 15330/4500 का स्टॉप लॉस लगाकर खरीदी कर सकता है। ब्याज दरें बढ़ने एवं एफआईआई की लगातार बिकवाली सेस 15404-15362-15256/4528-4500-4453 स्तर दिख सकते है। यहां निवेशकों का भरोसा बाजार से खत्म हो सकता है।
बेहतर तिमाही परिणाम एवं अर्थव्यवस्था के विकास की बढ़ती रफ्तार को देखकर कारोबारी आल इज वैल के चक्कर में शेयर बाजार में फेल हो गए। अनुमान है कि बाजार में तेजी की बसंती बयार जो चली थी उसमें टेसू के लाल फूल समय से पहले आ गए इसलिए शार्ट टर्म में ज्यादा तेजी की कल्पना करना बेमानी होगा। 16400/4900 मुख्य स्तर है। ब्याज दरें न बढ़ने और महंगाई के नियंत्रण का रोडमैप सरकार को पहले पेश करना होगा। अगर इस बात में दम हो तो बाजार की मंदी को ब्रेक लगकर एक पुलबैक आ सकता है। 16466-16519-15558/4929-4954-4983 हल्के रेसीसटेंस है। (वायदा में 4800 के पुट के ओपन इंटरेस्ट में 49.80 लाख शेयर है जो इन स्तरों पर मजबूती दिखा सकते हैं। ब्याज न बढ़ने से रियलटी, ऑटो बैंकों ने बाजार को सहारा दिया है।)
एशिया-यूरोप के बाजार वापसी करते हैं तो हमारे बाजारों में एक बड़ा ब्रेक आऊट दिख सकता है। 16621-16709-16751/5012-5036-5052 जो 100 दिन के एचसीएल एवं डीएमए पर कठोर रेसीसटेंस है, आपको बता दें कि फरवरी की सीरिज में 5000 काल के ओपन इंटरेस्ट में 38.80 लाख शेयर हैं। विदेशी खरीददारी शार्ट कवरिंग और लांग पोजीशन के लिए होती है तो इंट्रा डे बड़े गेप चार्ट पर बन सकते हैं और बाजार मनोवैज्ञानिक स्तरों से ऊपर पुन: बंद हो सकता है। निफ्टी 5071-5093-5127 जो 15 दिन के डीएमए एवं एल लाइन के बैरियर तोड़कर ऊपर बंद हो सकते हैं।
सेंसेक्स 16838-16900-16971 जो 100 दिन के डीएमए एवं एच लाइन है, के ऊपर बंद हो सकते हैं। तकनीकी तौर पर बाजार में गेप फार्मेशन बढ़त आई तो अनिश्चितता है और नवंबर 2009 की स्थिति बन सकती है। लेकिन अमरीका में अच्छे आर्थिक आंकड़ें से बाजार में तेजी और घरेलू स्तरों पर आईआईपी के उम्दा नंबर, ऑटो बिक्री बढ़ने की खबरें बाजार को एक और उछाल या स्थिरता दे सकती है जिससे बाजार में तेजी के फूलों की महक इस बसंत में दिख सकती है। हालांकि, इन नंबरों पर भारी शार्ट सेलिंग के संकेत भी हैं।
17008-17077-17150/5149-5176-5201 जो लांग टर्म चार्ट पर बने इन स्तरों पर मनोवैज्ञानिक रेसीसटेंस है। यहां तेजडि़यों को अगर लगता है कि बाजार ओवर सेल जोन में है तो निगेटिव ट्रेंड लाइन समाप्त होकर पोजिटिव जोन में कुछ समय के लिए बाजार में प्रवेश कर जाएंगे। अच्छे तिमाही नतीजों से भी बाजार को सहारा मिल सकता है। बड़े दिग्गज सैक्टरों में अगर खरीददारी निकलती है तो 17270-17321/5232-5278 के टॉप भी बन सकते हैं।
मैने बाजारों की पूरी स्थिति का आंकलन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि जो ट्रेडर मुनाफे और नुकसाना के जोखिम को जानते हैं वे ही इस समय बाजार में बने रहें एवं निवेशक वे मीडियम से लांग टर्म के लिए अपने निवेश पर रिटर्न का इंतजार करें। मैं मानता हूं कि अच्छे-अच्छे खिलाड़ी बाजार की गिरावट में माल नहीं बेच पाते, हां छोटे निवेशक अभी एवरेज भी न करें। मिड-स्मॉल कैप में जितनी तेजी से भाव बढ़े थे उतनी ही तेजी से ब्रेक डाउन हुए हैं। दोजी पैटर्न के चार्ट बनने से स्थिति खराब है। छोटे मुनाफे पर काम करना उचित है।
फ्यूचर के सौदे बजट के कुंभ तक न करें तो बेहतर होगा वरान इस कुंभ में नुकसान की डुबकी लगाते समय बह भी सकते हैं। इस दौरान देखा गया कि ट्रेड इनवेस्टमेंट बन रहे हैं और दूसरे दिन ब्रोकर से मार्जिन बतौर सौदे निवेशक कर रहे हैं। बड़े डिप में से सौदे तुरंत कसाई की तरह काट दिए जाते हैं इसलिए जितना पैसा हो उतने ही फेयर सौदे करें, मार्जिन ट्रेडिंग से भी बचें। बाजार नए दौर की तैयारी मार्च से ही कर पाएगा। बजट के पूर्व या पश्चात बाजार पिघलेगा, फिसलेगा या नए कीर्तिमान स्थापित करेगा, इसका इंतजार जो कर सकता है, वही निवेशक बाजार में बड़ा पीर कहलाएगा।
लेखक कल्पतरु मल्टीप्लायर., भोपाल के वायस चेयरमैन हैं ।
नोट- आदित्य मनयां जैन का इसमें स्वयं का कोई निवेश नहीं है।
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