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स्टॉक मंत्र | द्वारा/by : मोलतोल संवाददाता | शुक्रवार , 08 जनवरी 2010 |
मुंबई। समूची दुनिया में चाय की लगातार कमी से चाय कंपनियों के शेयरों में जोरदार उबाल देखा जा रहा है। भारतीय शेयर बाजारों में चाय कंपनियों के शेयर 52 सप्ताह की ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं। इक्विटी विश्लेषकों का कहना है कि चाय के दाम और बढ़ने की संभावना से यह तय है कि आने वाले दिनों में इन कंपनियों के शेयर और आगे बढ़ सकते हैं।
भारत में चाय के दाम इस समय नौ साल की ऊंचाई पर चल रहे हैं। आईसीआईसीआई डाइरेक्ट की एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू चाय उत्पादन कम होने से वर्ष 2009 में चाय के दाम 22 फीसदी बढ़े हैं। भारत में चाय का उत्पादन खराब मौसम हालात की वजह से घटा है। इसके विपरीत चाय की खपत तेजी से बढ़ने मांग व आपूर्ति में आई भारी तंगी ने चाय के दाम आसमान पर पहुंचाए। साथ ही चाय के मुख्य निर्यातक देशों में उत्पादन घटने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी जोरदार कमी है।
चाय की तंगी इस साल यानी वर्ष 2010 में भी रहने की आशंका है और यह कमी वर्ष 2011 तक बनी रहने की आशंका है। मेक्लॉयड रुसेल के प्रबंध निदेशक आदित्य खेतान का कहना है कि अप्रैल तक चाय की तंगी 1300 लाख किलोग्राम तक पहुंचाने की संभावना है। इस तंगी से चाय के दामों में रिकॉर्ड तेजी आ सकती है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में 7 जनवरी 2010 को मुख्य चाय कंपनियों के शेयरों में टाटा टी 4.60 रुपए बढ़कर 1043.80 रुपए, जयश्री टी 13.65 रुपए तेज होकर 389.75 रुपए, मेक्लॉयड रुसेल 4.50 रुपए बढ़कर 306.20 रुपए, असम कंपनी पांच पैसे बढ़कर 23.85 रुपए, धुनसेरी टी 80 पैसे चढ़कर 182.60 रुपए, एशियन टी एंड एक्सपोर्टस 50 पैसे बढ़कर 36.95 रुपए, बंगाल टी 1.95 रुपए चढ़कर 69.55 रुपए और हरिसन मलयालम पांच पैसे कमजोर होकर 143.15 रुपए पर बंद हुए।
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