2009 के सरताज, तरकश.कॉम, मोलतोल.इन और Talk n’ Café के द्वारा आयोजित एक वार्षिक सर्वे है जो उन भारतीयों को सम्मानित करता है जिनके असाधारण प्रयास समाज पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं.
आप राजनीति, खेल, व्यापार, मनोरंजन और जनसेवा इन 5 श्रेणियों में चिह्नित किए गए तीन-तीन नामों से अपनी पसंद के नाम को वोट दे सकते हैं.
जिन हस्तियों को नामांकित किया गया है वह इस प्रकार है. वोट देने के फार्म की कड़ी इस सूची के नीचे है.
राजनीति
राहुल गांधी
क्योंकि वे अपनी पार्टी को फिर से अकेले अपने दम पर जीतने के काबिल बना रहे हैं.>
रमण सिहं
क्योंकि वे अपने प्रदेश में माओवादियों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं
ममता बनर्जी
क्योंकि उन्होने लाल सरकार को चुनौती दी और जिनसे वाम मोर्चा खौफ खाता है
व्यापार
रतन टाटा
क्योंकि रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा समूह ने साल्ट से साफ्टवेयर तक के क्षेत्रों में बुलंदियां हासिल की है. नैनो कार यानी लखटकिया कार लाकर उन्होंने आम हिंदुस्तानी का कार खरीदने का सपना साकार किया.
चंदा कोचर
क्योंकि दुनिया की 100 ताकतवर महिलाओं की सूची में आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक चंदा कोचर शीर्ष 20 में शामिल हैं. इस सूची में आना ही यह बताता है कि महिलाएं किचन ही नहीं देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक और वित्त मामलों को अच्छी तरह संभालने में सशक्त हैं.
पवन मुंजाल
क्योंकि महामंदी के इस दौर में उन्होने हीरो होंडा को हीरो ही बनाकर रखा. दो करोड़ बाइक बेचना कोई आसान नहीं, लेकिन मुंजाल का कोई मुकाबला नहीं.
मनोरंजन
ए.आर. रहमान
क्योंकि उन्होनें ऑस्कर जीतकर देश का गौरव बढाया और सिद्ध किया कि उनकी कोई सानी नहीं.
कैटरीना कैफ
क्योंकि वे नम्बर 1 अभिनेत्री हैं और हर निर्माता उनके साथ फिल्म बनाना चाहता है.
कलर्स
क्योंकि इस चैनल ने सिद्ध किया कि देर से दौड़ना शुरू करके भी दौड़ जीती जा सकती है. और हारने वाले भी कौन? स्टार प्लस और ज़ी टीवी जैसे दिग्गज!
खेल
सचिन तेंदूलकर
क्योंकि 30 हजार टेस्ट रन अपने आप में सारी कहानी बयाँ कर देते हैं
पंकज आडवाणी
क्योंकि उन्होने इस वर्ष विश्व बीलियर्ड प्रतियोगिता जीती
विजेंदर सिहं
क्योंकि वे नम्बर 1 बोक्सर हैं वह भी भारत से!
जनसेवा
जी. माधवन नायर
क्योंकि उनके नैतृत्व में इसरो ने नई बुलंदियों को छुआ.
डॉ. देवी शेट्टी
क्योंकि वे आम लोगों को कम दर पर बेहतरीन कार्डिआक चिकित्सा उपलब्ध करवा रहे हैं
डॉ. आर. के. पचौरी
क्योंकि जब वे पर्यावरण के मसले पर बोलते हैं तो दुनिया सुनती है.
भारतीय शेयर और शेयरों से जुड़े़ ऑफरिंग इस साल एक तिहाई से भी ज्यादा बढ़
सकते हैं, क्योकि कंपनियां और सरकार बढ़ती घरेलू पूंजी का लाभ उठाना चाहते
हैं और अर्थव्यवस्था भी सुधर रही है...